मानेश्वर समाचार।
चम्पावत 29 अगस्त 2025
*किराना स्टोर से आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बनीं चंचला देवी*
“जहां इच्छा, वहां राह” इस कहावत को चरितार्थ करते हुए टनकपुर की श्रीमती चंचला देवी, पत्नी श्री नवीन कुमार ने दृढ़ इच्छाशक्ति और कठिन परिश्रम के बल पर आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय कदम बढ़ाया है।
ग्राम नायकखेड़ा निवासी एवं ग्राम बोरागोठ पंचायत में गठित संतोषी स्वयं सहायता समूह की सक्रिय सदस्य श्रीमती चंचला देवी, ओम महिला संकुल संघ के अंतर्गत कार्यरत हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बुनियादी आवश्यकताएँ पूरी कर पाना कठिन हो रहा था, किंतु ग्रामीण उद्यम वेग परियोजना (IFAD द्वारा वित्त पोषित एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित) ने उनके जीवन में नई आशा का संचार किया।
परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को समूहों, ग्राम संगठनों और संकुल संघों के माध्यम से उद्यमिता से जोड़ते हुए उनकी आजीविका में वृद्धि करना है। इसी क्रम में, समूह की बैठकों के दौरान श्रीमती चंचला देवी को लघु उद्यम स्थापित करने के संबंध में जानकारी मिली। परियोजना के मानकों के अनुसार उन्हें ₹75,000.00 की वित्तीय सहायता प्रदान की गई, जिसमें ₹22,500.00 परियोजना अंश, ₹37,500.00 बैंक ऋण (परियोजना सहयोग से) एवं ₹15,000.00 स्वयं का अंशदान शामिल था।
इस सहयोग से चंचला देवी ने स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भरता की राह पकड़ी। आज वे प्रतिमाह ₹6,000 से ₹7,000 तक की आय अर्जित कर रही हैं, जिससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है, बल्कि घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण भी बना है।
कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने वाली श्रीमती चंचला देवी आज अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। उनका उदाहरण यह संदेश देता है कि दृढ़ संकल्प और अवसर का सदुपयोग करके कोई भी महिला आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर हो सकती है।




