नरभक्षी गुलदार अब भी आज़ाद, ग्रामीणों में दहशत कायम।
वन विभाग की चौतरफा कॉम्बिंग, पिंजरे और ड्रोन से लगातार निगरानी—जल्द पकड़ने का भरोसा।
लोहाघाट। मंगोली गांव में एक सप्ताह पूर्व नरभक्षी गुलदार द्वारा एक अधेड़ को मौत के घाट उतार देने की घटना के बाद अब तक उसे पकड़ने में सफलता नहीं मिल पाई है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं और बच्चों को बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है।
गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही हैं। विभाग द्वारा चार पिंजरे विभिन्न स्थानों पर लगाए गए हैं, वहीं एक दर्जन से अधिक कर्मियों की टीम दिन–रात उसकी तलाश में जुटी हुई है। उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे की भी सहायता ली जा रही है।
वन क्षेत्राधिकारी एच.डी. पांडे के नेतृत्व में वनकर्मियों द्वारा घने जंगलों में लगातार कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी बीच प्रभागीय वन अधिकारी ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गुलदार को जल्द ही पिंजरे में कैद कर लिया जाएगा। वन विभाग के अनुसार गुलदार के पंजों के निशान ट्रेस होने से पुष्टि हुई है कि घटना को अंजाम देने वाला यही नरभक्षी गुलदार है। विभाग पूरी गंभीरता से उसकी हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है।




