चंपावत 08 जून 2026, 2026
*मुख्यमंत्री के ‘आदर्श चम्पावत’ विजन को धरातल पर उतार रही हैं बाराकोट की जीनू अधिकारी, समूह से जुड़कर बनीं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के ‘आदर्श चम्पावत’ संकल्प और महिला सशक्तिकरण के विजन को जनपद की ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर से धरातल पर साकार कर रही हैं। इसी क्रम में बाराकोट ब्लॉक के सुदूर गांव काकड खतेडी की रहने वाली श्रीमती जीनू अधिकारी ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की एक नई पहचान लिख रही हैं।
कुछ समय पहले तक बेहद सामान्य और आर्थिक संघर्षों से घिरे परिवार की जीनू जी ने अपनी मेहनत और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के सहयोग से खुद को एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित किया है। कभी घर चलाने के लिए एक प्राइवेट स्कूल में मात्र 2500 रुपये प्रति माह पर पढ़ाने वाली जीनू जी आज न सिर्फ स्वयं आर्थिक रूप से सुदृढ़ हुई हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई हैं।
जीनू अधिकारी के जीवन में यह क्रांतिकारी बदलाव वर्ष 2023 में आया, जब वे उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (USRLM) के तहत ‘ब्यानधूरा बाबा स्वयं सहायता समूह’ से जुड़ीं, जो ‘लडीधूरा महिला संकुल संघ’ के अंतर्गत कार्यरत है। मिशन के माध्यम से उन्हें 20,000 रुपये का रिवॉल्विंग फंड, 75,000 रुपये का सामुदायिक निवेश फंड और 1,00,000 रुपये का बैंक ऋण (CCL) प्राप्त हुआ। इस वित्तीय सहायता के साथ ही उन्होंने आर.सी.टी. और यू.आई.आर.डी. रुद्रपुर से व्यावसायिक कौशल का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण की बदौलत उन्होंने अपने गांव में ही बिस्कुट, नमकीन और आंवला कैंडी बनाने का गृह उद्योग शुरू किया। अपने उत्पादों की बेहतरीन गुणवत्ता के दम पर उन्होंने स्थानीय बाजारों से लेकर राज्य स्तरीय ‘सरस मेलों’ तक अपनी खास पहचान बनाई है।
वर्तमान में जीनू अधिकारी लडीधूरा महिला संकुल संघ के आई.एफ.सी. क्लस्टर में डोमेन सी.आर.पी. के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रही हैं और उनके इस लघु उद्योग से जुड़कर गांव की अन्य महिलाएं भी सामूहिक रूप से उत्पादन कार्य कर रही हैं। अब जीनू की मासिक आय बढ़कर लगभग 15,000 रुपये हो गई है और बाजार से उन्हें लगातार एडवांस ऑर्डर मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के चम्पावत को एक मॉडल जनपद बनाने के सपने को गति देते हुए जीनू का भविष्य का लक्ष्य आधुनिक मशीनें स्थापित कर अपने उत्पादों का एक सशक्त लोकल ब्रांड स्थापित करना है, ताकि क्षेत्र की अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देकर ‘लोकल फॉर वोकल’ के संकल्प को पूरी तरह चरितार्थ किया जा सके।
Jaya punetha editor in chief ।




