चंपावत 30 जून 2026
*स्थानीय किसानों की आय बढ़ाने को उद्यान विभाग और आईटीबीपी की बड़ी पहल, चम्पावत में सफलतापूर्वक भेजी गई सब्जियों की खेप*
माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विजन ‘आदर्श चंपावत’ के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों के स्थानीय किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके पारंपरिक उत्पादों को एक सुदृढ़ और उन्हें एक बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उद्यान विभाग और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के बीच हुआ समझौता अब धरातल पर रंग लाने लगा है।
दोनों विभागों के मध्य हुए एमओयू (MOU) के अंतर्गत समझौते के तहत आईटीबीपी को उनकी मांग के अनुरूप 25 प्रतिशत ताजी सब्जियों की खेप सफलतापूर्वक आपूर्ति कर दी गई है।
इस पहल से सीमांत क्षेत्रों के किसानों में उत्साह है।
गौरतलब है कि इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत प्रारंभिक चरण में राज्य के चार सीमावर्ती जनपदों में की गई थी।
जिला उद्यान अधिकारी श्री मोहित मल्ली ने बताया कि इस योजना की मुख्य विशेषता यह है कि इसके तहत स्थानीय स्तर पर वहां के मूल किसानों द्वारा उत्पादित की जाने वाली सब्जियों और फलों को सीधे आईटीबीपी तक पहुंचाने की मजबूत व्यवस्था की गई है।
व्यवस्था को पूरी तरह सुचारू और लचीला बनाए रखने के लिए यह प्रावधान भी किया गया है कि यदि किसी विशिष्ट क्षेत्र में मांग के अनुसार आवश्यक मात्रा में उत्पाद उपलब्ध नहीं हो पाते हैं, तो पड़ोसी व अन्य जनपदों से समन्वय स्थापित कर स्थानीय उत्पादों की शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है।
प्रशासनिक स्तर पर इस कार्यक्रम को और अधिक व्यापक और जन-उपयोगी बनाने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आने वाले समय में जनपद चम्पावत के कई और स्वयं सहायता समूहों (SHG) तथा किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को भी इस मुहिम से सीधे जोड़ा जाएगा।
इन सभी समूहों को मांग के अनुसार लगातार आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष रूप से तैयार किया जाएगा। उद्यान विभाग की इस अनूठी पहल से न केवल देश की सुरक्षा में तैनात जवानों को शुद्धन और स्थानीय उत्पाद मिल सकेंगे, बल्कि क्षेत्र के छोटे और सीमांत किसानों को अपने ही घर के पास एक बड़ा और स्थाई बाजार मिलेगा, जिससे उनकी आय में अभूतपूर्व वृद्धि सुनिश्चित होगी।
Jaya punetha editor in chief ।




