वनराजी खिरद्वारी में विकास का बड़ा आगाज़ — ट्राइबल टूरिज़्म से लेकर सड़क-पुल तक नए युग की होगी शुरुवात।
जिलाधिकारी मनीष कुमार के दौरे से दूरस्थ खिरद्वारी क्षेत्र को मिला विकास खाका; शारदा कॉरिडोर से जोड़ने, इंटीग्रेटेड फार्मिंग, सड़क विवाद समाधान और प्रमुख पुल निर्माण को मिली गति।
चंपावत। दूरस्थ वनराजी खिरद्वारी के समग्र और दीर्घकालिक विकास के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार का यह दौरा इस क्षेत्र में परिवर्तन का नया अध्याय लिखने जा रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक धरोहर से संपन्न यह इलाका अब शारदा कॉरिडोर से जुड़ेगा, जिससे ट्राइबल टूरिज़्म को नई पहचान मिलेगी। वसुंधरा नदी तट और आसपास के मनोरम स्थल पर्यटन के नए केंद्र बनेंगे।
दौरे के दौरान जिलाधिकारी ने पूरे क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर इंटीग्रेटेड फार्मिंग को क्षेत्रीय आजीविका का मजबूत आधार बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कृषि, बागवानी, सब्जी उत्पादन, जड़ी-बूटी, मशरूम, मत्स्य, मुर्गी और बकरी पालन हेतु विभागों को विशेष प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (फेज-2) के अंतर्गत चूंका–खिरद्वारी 12 किमी सड़क निर्माण में चल रहा विवाद जिलाधिकारी ने मौके पर ही निपटा दिया। वैकल्पिक मार्ग स्वीकृत कर उन्होंने वर्षों से अटके इस निर्माण को नई दिशा दी। वहीं लधिया नदी के फुरकियाझाला में 250 मीटर लंबे मोटर पुल को पीआईयू की स्वीकृति मिल चुकी है। पुल बनने से दशकों से परेशान ग्रामीणों की आवाजाही सुगम हो जाएगी। साथ ही, खिरद्वारी सहित आसपास के गांवों को जोड़ने हेतु 400 मीटर लंबे झूला पुल का निर्माण भी मंज़ूर किया गया है। जिलाधिकारी ने क्षेत्र के पुराने नौलों को पुनर्जीवित करने, प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत बहुद्देशीय केंद्र की चारदीवारी और पुस्तकालय को सुदृढ़ करने तथा ज्ञानवर्धक पुस्तकों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गांव में निवास कर रहे सभी 14 वनराजी परिवारों हेतु कंबल उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए गए। स्थानीय महिलाओं की सक्रियता और जागरूकता की सराहना करते हुए जिलाधिकारी ने कहा— “कृषि, बागवानी, पशुपालन या जड़ी-बूटी उत्पादन जैसे हर क्षेत्र में महिलाओं को प्रशिक्षण और प्रशासन की पूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।”
Jaya punetha editor in chief ।



