मानेश्वर समाचार।
24 अगस्त 2025
धरती के आवरण को जब तक हम वनाच्छादित नहीं करेंगे तब तक पर्यावरण की समस्या दिनों दिन होती जायेगी विकराल- बीडी बोली
उदयन स्कूल में पर्यावरण संरक्षण पर हुई गोष्ठी में किया गया गंभीर चिंतन एवं मनन
मनुष्य और प्रकृति अनादिकाल से ही एक दूसरे के पूरक रहे हैं ।यही वजह है कि पर्यावरण के प्रति हमारे पूर्वजों का ऐसा लगाव रहा कि हम वृक्षारोपण एवं वनसंरक्षण पीढ़ी दर पीढ़ी एक दूसरे को सौंपते हुए उसका संरक्षण करते आ रहे हैं।अनादिकाल काल से हमारे ऋषिमुनियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाता रहा है।उदाहरण के लिए पीपल का ही पेड़ हैं जो चौबीस घंटे प्राणवायु छोड़नेवाले यह वृक्ष संरक्षित रखने के लिए उन्होंने इसे सनातन से जोड़ कर प्रतिदिन इसकी पूजा की जाती रही है।यह बात नगर के उदयन इंटरनैशनल स्कूल में सीबीएसई की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य बीडी ओली ने व्यक्त किए। इससे पूर्व बीडी ओली,जेएनवी चम्पावत के हरेंद्र ढेला,मेजबान विद्यालय के प्राचार्य अशोक शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित किया। अशोक शर्मा ने मुख्य अतिथि समेत सीबीएसई पैटर्न के विद्यालय से आये शिक्षकों का स्वागत किया। उनके सम्मान में विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।श्री ओली ने कहा कि मनुष्य एवं वनों के बीच लोगों में लालच पैदा होने से पर्यावरण परिस्थितियों पैदा होने लगी।इसी के साथ मानव को भूस्खलन,बाढ़, बादल फटने, ग्लेशियर पिघलने,मौसम चक्र में आने वाले बदलाव आदि अनेक प्राकृतिक आपदाओं को झेलना पड़ रहा है।हरेंद्र ढेला ने कहा कि वनों में मानवीय हस्तक्षेप के कारण वन्यजीवों का संसार उजड़ने के साथ जैव विविधता भी समाप्त होती जा रही है। उन्होंने अद्वैत आश्रम मायावती वनपंचायत के जंगल का उदाहरण देते हुए कहा कि मानवीय हस्तशेप न होने से वहाँ के वन पर्यावरणीय परिस्थितियों को बांधे हुए है।इस अवसर पर शशांक पाण्डेय,स्नेहलता जोशी, बबीता जोशी,प्रियंका धौनी,सूरज अधिकारी,चंद्र भानु,पुष्पा बिष्ट, अनीता पाटनी,गौरव जोशी,रोहित रावत,हिमांशी भट्ट,मोनिका सौन,दीपांशु आदि शिक्षक मौजूद रहे।




