गौरलचौड मैदान में “नशा मुक्त अभियान” के तहत कार्यशाल आयोजित।

Spread the love

मानेश्वर समाचार।

19 जून 2025

 

*गौरलचौड़ मैदान में “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत कार्यशाला आयोजित*

 

*गौरलचौड़ में जीवन कौशल व नशा मुक्ति पर कार्यशाला, युवाओं को ‘ना’ कहने की कला सिखाई गई*

 

*मजबूत इच्छाशक्ति, सही दिनचर्या और जीवन कौशल से बनाएं नशामुक्त जीवन*

 

जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग, चम्पावत के संयुक्त तत्वावधान तथा माननीय दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे की अध्यक्षता में गौरलचौड़ मैदान सभागार में “नशा मुक्त भारत अभियान” के अन्तर्गत मादक पदार्थ एवं नशीली दवाओं के सेवन से बचाव विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।

 

कार्यशाला का प्रमुख विषय “जीवन कौशल और मादक पदार्थ शिक्षा” रहा। प्रशिक्षण का संचालन एस.पी.वाई.एम. संस्था के समन्वयक एवं मास्टर ट्रेनर श्री चंचल कुमार द्वारा किया गया।

 

श्री कुमार ने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थ उपयोग की वर्तमान स्थिति, जीवन कौशल आधारित शिक्षा, एवं मादक पदार्थ शिक्षा की प्रभावी पद्धतियों के विषय में जानकारी दी।

 

उन्होंने बताया कि युवाओं में Peer Pressure (साथियों के दबाव) के कारण भी नशे की ओर झुकाव बढ़ रहा है। इससे निपटने के लिए “ना” कहने की कला (“How to Say No to Drugs”) को अपनाना जरूरी है।

 

उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न आसान और व्यावहारिक बहाने भी सिखाए जिनके माध्यम से वे किसी दबाव में आए बिना नशे से बच सकते हैं।

 

प्रशिक्षण सत्र में शराब, तंबाकू और वाष्पशील पदार्थों (इनहेलेंट्स) की विशेषताओं, दुष्प्रभावों तथा व्यवहारिक समाधान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।

 

मास्टर ट्रेनर ने जीवन कौशल (Life Skills) अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिनमें आत्म-विश्वास, निर्णय लेने की क्षमता, भावनात्मक नियंत्रण, और समय प्रबंधन जैसे कौशल शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यदि युवा संतुलित दिनचर्या, नियमित व्यायाम, पौष्टिक आहार और सकारात्मक सोच को अपनाएं तो वे नशे के किसी भी प्रकार के प्रभाव से स्वयं को सुरक्षित रख सकते हैं।

 

प्रशिक्षण के दौरान कक्षा आधारित गतिविधियाँ एवं मादक पदार्थों पर आधारित क्विज़ का आयोजन भी किया गया, जिससे प्रतिभागियों में विषय के प्रति व्यावहारिक समझ और रुचि विकसित हुई।

 

तंबाकू उपयोग के प्रभावों पर चर्चा करते हुए मास्टर ट्रेनर ने बताया कि तंबाकू उत्पाद न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर दुष्प्रभाव डालते हैं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर मादक पदार्थों की स्थिति और उपलब्ध उपचार सेवाओं की जानकारी भी दी।

 

इस अवसर पर माननीय दर्जा राज्य मंत्री ने बच्चों को नशे के जाल में फँसने के कारणों एवं इसके शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में सरल भाषा में बताया। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने साथियों को भी इससे बचने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा, “आप हमारे देश का भविष्य हैं। आपके स्वस्थ और जागरूक रहने से ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।” उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने आसपास के लोगों को भी नशे के प्रति जागरूक करें और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करें।

 

कार्यशाला में सक्सेस स्टोरीज़ के माध्यम से यह भी बताया गया कि कैसे लोग नशे की लत से बाहर निकलकर एक सामान्य और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। इन प्रेरणादायक उदाहरणों ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

 

कार्यशाला में मा अध्यक्ष नगर पालिका चम्पावत श्रीमती प्रेमा पांडे, रेड क्रॉस के प्रतिनिधि राजीव गहतोड़ी, जनार्धन चिल्कोटी, जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं कर्मचारी, पंचम वाहिनी सशस्त्र सीमा बल चम्पावत के अधिकारी, सेना के अधिकारी व जवान, भूत पूर्व सैनिक, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक व छात्र छात्राएं, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता व अन्य मौजूद रहे।

Jaya punetha editor in chief ।