चम्पावत,
*विधानसभा निर्वाचन–2027 की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक*
*ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच में सक्रिय सहभागिता का आह्वान, मतदान स्थलों के पुनर्व्यवस्थापन एवं मतदाता सूची पुनरीक्षण की दी जानकारी*
*12 नवम्बर को प्रकाशित होगी एकीकृत आलेख्य मतदाता सूची, 11 दिसम्बर तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे दावे एवं आपत्तियां*
भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड के दिशा-निर्देशों के क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन–2027 की तैयारियों, ईवीएम एवं वीवीपीएटी की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी), मतदान स्थलों के युक्तिकरण एवं पुनर्व्यवस्थापन तथा फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 54–लोहाघाट एवं 55–चम्पावत में निर्वाचन संबंधी तैयारियां निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार की जा रही हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से वर्तमान में संचालित एफएलसी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा मशीनों की जांच प्रक्रिया को समझने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ईवीएम एवं वीवीपीएटी के संबंध में किसी भी प्रकार की शंका होने पर इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) से आए अधिकृत इंजीनियरों से जानकारी प्राप्त की जा सकती है। राजनीतिक दलों की सहभागिता से निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं विश्वास को और मजबूती मिलेगी।
बैठक में मतदान स्थलों के युक्तिकरण एवं पुनर्व्यवस्थापन के संबंध में भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि किसी मतदान स्थल में परिवर्तन, उसके नाम में संशोधन अथवा स्थान परिवर्तन से संबंधित प्रस्तावों की प्रक्रिया से राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया है। संबंधित उपजिलाधिकारियों द्वारा भी अपनी-अपनी तहसीलों में इस संबंध में जानकारी दी गई है। मतदान स्थलों के युक्तिकरण एवं पुनर्व्यवस्थापन का कार्य 02 नवम्बर 2026 तक पूर्ण किया जाना है।
जिलाधिकारी ने फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की समय-सारणी की जानकारी देते हुए बताया कि एकीकृत आलेख्य निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 12 नवम्बर 2026 को होगा। दावे एवं आपत्तियां 12 नवम्बर से 11 दिसम्बर 2026 तक प्रस्तुत की जा सकेंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसम्बर 2026 तक किया जाएगा तथा निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 04 जनवरी 2027 को होगा।
उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम में 01 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर पात्र मतदाताओं के पंजीकरण के साथ ही आगामी 01 अप्रैल, 01 जुलाई एवं 01 अक्टूबर 2027 की अर्हता तिथियों के लिए भी अग्रिम आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य छूटे हुए पात्र नागरिकों, युवाओं एवं पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिकों का पंजीकरण सुगम बनाना है।
जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने तथा पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक की सहभागिता सुनिश्चित करना लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में भारतीय जनता पार्टी से श्री रोहित बिष्ट, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से श्री श्याम सिंह कार्की, बहुजन समाज पार्टी से श्री अजय तथा सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी श्री डी. एस. अधिकारी उपस्थित रहे। सभी उपजिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।
Jaya punetha editor in chief.




