चम्पावत,
*मा. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में खिलाड़ियों को बड़ी सौगात, राष्ट्रीय खेलों के 103 पदक विजेताओं को मिलेगी सरकारी नौकरी*
*स्वर्ण पदक विजेताओं को ग्रेड पे 4200 तथा रजत-कांस्य पदक विजेताओं को योग्यता के अनुरूप मिलेगा सरकारी सेवा का अवसर*
मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतकर उत्तराखण्ड का गौरव बढ़ाने वाले 103 खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी दिए जाने का रास्ता साफ हो गया है। इस पहल से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों का सम्मान मिलने के साथ ही सुरक्षित रोजगार का अवसर भी प्राप्त होगा।
इसके अंतर्गत स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को ग्रेड पे 4200 की सरकारी नौकरी प्रदान किए जाने का प्रावधान है। वहीं रजत एवं कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि एवं निर्धारित मानकों के अनुसार ग्रेड पे 2000 से 2800 तक की सरकारी नौकरी दी जाएगी। इन खिलाड़ियों को उनकी योग्यता एवं निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप पुलिस, शिक्षा, वन, खेल एवं युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों में सेवा का अवसर मिलेगा।
मा. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार की इस पहल से युवाओं में यह संदेश भी मजबूत होगा कि खेल प्रतिभा न केवल प्रदेश और देश का गौरव बढ़ा सकती है, बल्कि एक बेहतर करियर और सुरक्षित भविष्य का माध्यम भी बन सकती है।
राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा से शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। अब पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवा से जोड़ने की पहल से उनका मनोबल और बढ़ेगा। साथ ही प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को भी खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।
राज्य सरकार का यह निर्णय उत्तराखण्ड में मजबूत खेल संस्कृति विकसित करने और युवाओं को खेलों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे नई खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर नई पहचान दिलाने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।




