चंपावत
*मानकों पर परखी गई केंद्रीय भंडार की दवाएं: औषधि निरीक्षक ने किया निरीक्षण*
*चंपावत स्थित केंद्रीय औषधि भंडार का औषधि निरीक्षक ने किया औचक निरीक्षण, गुणवत्ता जांच हेतु 8 नमूने प्रयोगशाला भेजे*
अपर आयुक्त औषधि नियंत्रक खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड तथा जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशों के क्रम में आम जनता को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक औषधियां उपलब्ध कराने और औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 व नियमावली 1945 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराने के उद्देश्य से एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया।
इसी कड़ी में औषधि निरीक्षक चंपावत हर्षिता द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित केंद्रीय औषधि भंडार का गहन निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान औषधि भंडार में दवाओं के उचित तापमान पर रखरखाव, ई-औषधि सॉफ्टवेयर के संचालन तथा औषधियों के क्रय बिलों की सूक्ष्मता से जांच की गई।
इसके अतिरिक्त मनःप्रभावी (साइकोट्रॉपिक) औषधियों के पृथक भंडारण और उनके रिकॉर्ड के साथ-साथ तापमान एवं आर्द्रता नियंत्रण प्रणाली की कार्यशीलता का भी अवलोकन किया गया, जिससे तापमान-संवेदनशील दवाओं की प्रभावशीलता एवं गुणवत्ता सुरक्षित रहे। साथ ही एक्सपायर हो चुकी दवाओं के सही निस्तारण और उन्हें मुख्य स्टॉक से अलग रखने के कड़े निर्देश जारी किए गए। जांच में पाया गया कि अधिकांश दवाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित ढंग से संग्रहित की गई हैं और उनके वितरण का रिकॉर्ड भी सुव्यवस्थित है।
गुणवत्ता परीक्षण को और अधिक पुख्ता करने के लिए मौके से 08 औषधियों के नमूने संग्रहित कर राजकीय विश्लेषण शाला भेजे जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान उपस्थित स्टोर प्रभारी अधिकारी को परिसर में स्वच्छता बनाए रखने तथा किसी भी औषधि पर संदेह होने पर तुरंत औषधि नियंत्रण विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए गए। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया कि दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और यह कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
इस दौरान मुख्य फार्मेसी अधिकारी मनोज कुमार टम्टा, फार्मेसी अधिकारी प्रेम टम्टा तथा सहायक खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन दिनेश फर्त्याल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।




