चंपावत
*हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक लोकपर्व हरेला जनपद में हर्षोल्लास से मनाया गया*
*मा. मुख्यमंत्री के पर्यावरण संरक्षण संकल्प को साकार करने के लिए चंपावत में महा वृक्षारोपण अभियान शुरू*
हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक लोकपर्व हरेला आज जनपद चंपावत में व्यापक स्तर पर बेहद उल्लासपूर्वक मनाया गया।
माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के पर्यावरण संरक्षण संकल्प एवं हरित उत्तराखंड की परिकल्पना के अनुरूप, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के दिशा-निर्देशन में आज जनपद भर में सभी सरकारी विभागों, सामाजिक संस्थाओं और आमजन की सक्रिय सहभागिता के साथ एक वृहद महा वृक्षारोपण अभियान का औपचारिक शुभारंभ हुआ। इस विशेष अभियान के तहत न केवल बड़े पैमाने पर पौधे लगाए गए, बल्कि उनके दीर्घकालिक संरक्षण और पोषण की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
इस महा अभियान के तहत विभिन्न विभागों की ओर से वृक्षारोपण की प्रगति अत्यंत उत्साहजनक रही।
वन विभाग ने सबसे आगे रहते हुए 60,000 से अधिक पौधों का रोपण किया। इसके साथ ही ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 6,420 पौधे, जलागम विभाग द्वारा 2,000 पौधे, बाल विकास विभाग द्वारा 600 पौधे तथा जल निगम व जल संस्थान द्वारा क्रमशः 500-500 पौधे रोपे गए। नगरीय निकायों ने भी इस कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसके तहत नगर पालिका परिषद चंपावत, लोहाघाट व टनकपुर द्वारा 500-500 पौधे और नगर पंचायत पाटी द्वारा 200 पौधों का रोपण किया गया।
इनके अलावा जनपद के अन्य प्रमुख विभागों जैसे पशुपालन, सिंचाई, डेरी, युवा कल्याण, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, पीएमजीएसवाई चंपावत, लोक निर्माण विभाग चंपावत व लोहाघाट, परियोजना प्रबंधक सीएनडीएस और जिला पंचायत चंपावत द्वारा भी अपने-अपने स्तर पर व्यापक रूप से विभिन्न प्रजाति के पौधे लगाए गए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने इसे “हरियाली को संस्कार और पर्यावरण को संस्कृति से जोड़ने वाला जनआंदोलन” बताया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह वृक्षारोपण केवल एक दिन का औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि धरती को हरा-भरा रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति को सुरक्षित बनाने की एक दीर्घकालिक संरक्षण और संवर्धन की निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।




