आगामी वर्षाकाल के मद्देनजर जनपद के मुख्य और ग्रामीण मोटर मार्गों पर चलाया जा रहा है सुधारीकरण अभियान।

चंपावत 04 जून 2026

*आगामी वर्षाकाल के मद्देनजर जनपद के मुख्य और ग्रामीण मोटर मार्गों पर चलाया जा रहा है सुधारीकरण अभियान।*

माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की ‘आदर्श चम्पावत’ की संकल्पना को साकार रूप देने के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ जुटा है।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के दिशा-निर्देशों के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग की टीमें जनपद के मुख्य और ग्रामीण मोटर मार्गों पर युद्धस्तर पर विशेष सुधारीकरण अभियान चला रही हैं। इस अभियान का उद्देश्य वर्षाकाल के दौरान पर्वतीय रास्तों पर होने वाले जलभराव, भूस्खलन और सड़कों के टूटने के खतरे को रोकना है, ताकि स्थानीय जनता, पर्यटकों, यात्रियों ओर श्रद्धालुओं का आवागमन पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध बना रहे।

पहाड़ी रास्तों पर पानी जमा होने की समस्या से निजात दिलाने के लिए विभिन्न मार्गों पर नालियों के निर्माण, उनकी सफाई और कैचपिट क्लीयरेंस का काम बेहद तेजी से किया जा रहा है।

इसी क्रम में चम्पावत रिंग मोटर मार्ग पर कच्ची नाली के निर्माण और सफाई के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग 09 पर बेलखेत से धौन के बीच झाड़ियों के कटान और ड्रेन क्लीनिंग का कार्य गतिमान है। इसके अतिरिक्त सिप्टी – आमकड़िया मोटर मार्ग और चमदेवल- निडिल मोटर मार्ग पर अतिरिक्त मलबे को हटाने (एक्स्ट्रा स्लिप क्लीयरेंस) तथा नालियों को साफ करने का काम भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है, जिससे भारी बारिश के दौरान भी सड़कों को नुकसान न पहुंचे।

ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को बनाए रखने के लिए धौन-दियूरी मार्ग से बाजोन मोटर मार्ग पर भी मलबे को साफ करने का काम लगातार जारी है।

सड़कों पर वाहनों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए दृश्यता बढ़ाना बेहद जरूरी है, जिसे देखते हुए तीव्र मोड़ों पर दुर्घटनाओं के खतरे को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए टनकपुर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों, चम्पावत रिंग रोड, सयाला से पोथ मोटर मार्ग और बस्तिया से एठ माइल (एट माइल) के बीच सड़क किनारे उगी भारी झाड़ियों के कटान (बुश कटिंग) का कार्य प्रगति पर है।

सड़क निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेशानुसार मानसून के आगमन से पहले इन सभी आवश्यक कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। समय सीमा के भीतर की जा रहे कार्य से न केवल भूस्खलन का खतरा कम होगा, बल्कि मानसून के दौरान भी यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा या बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

Jaya punetha editor in chief ।

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