*जिलाधिकारी ने की ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के विभिन्न चरणों की गहन समीक्षा: अवस्थापना विकास हेतु हितधारकों के साथ मंथन।

चम्पावत 11 मार्च, 2026

*जिलाधिकारी ने की ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के विभिन्न चरणों की गहन समीक्षा: अवस्थापना विकास हेतु हितधारकों के साथ मंथन*

*प्रथम चरण के कार्यों में तेजी लाने और आगामी चरणों की विकास योजना हेतु जिलाधिकारी ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश*

प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बुधवार को जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने मिशन के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण के अंतर्गत प्रस्तावित मंदिरों में बुनियादी सुविधाओं और अवस्थापना विकास के कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने प्रथम चरण में शामिल प्रमुख मंदिरों— *पाताल रुद्रेश्वर गुफा, माँ पूर्णागिरि मंदिर, माँ बाराही मंदिर (देवीधुरा) और बालेश्वर मंदिर* में चल रहे विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों से अब तक हुए कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन पौराणिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु मार्ग सुदृढ़ीकरण, स्वच्छता, और पार्किंग जैसे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए।

जिलाधिकारी ने द्वितीय चरण के प्रस्तावित मंदिरों— *गोल्ज्यू मंदिर, रीठा मीठा साहिब व देवीधार मंदिर* तथा तृतीय चरण के *गुरु गोरखनाथ मंदिर एवं मानेश्वर मंदिर* के विकास हेतु दूरगामी योजना पर चर्चा की।

जिलाधिकारी ने द्वितीय तथा तृतीय इन चरणों की विकास योजना तैयार करने से पूर्व विभिन्न क्षेत्रों से आए हितधारकों और मंदिर समितियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत संवाद किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से इन मंदिरों की पौराणिक महत्ता, भौगोलिक स्थिति और आवश्यक जन-सुविधाओं के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव व जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी ने लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि जनपद में कई ऐसे पौराणिक और लोक आस्था के केंद्र हैं जो अभी तक मुख्यधारा में नहीं आ पाए हैं। यदि ऐसे किसी प्राचीन मंदिर या स्थल की जानकारी है, तो उसका विवरण जिला प्रशासन चम्पावत को उपलब्ध कराएं ताकि उन्हें भी ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के आगामी चरणों की कार्ययोजना में शामिल करने हेतु विचार किया जा सके।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि चिन्हित मंदिरों की भूमि संबंधी औपचारिकताओं को तत्काल पूर्ण किया जाए ताकि निर्माण कार्यों में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य प्रत्येक प्रमुख मंदिर तक सुगम पहुँच और श्रद्धालुओं को उच्च स्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी श्री कृष्णनाथ गोस्वामी, उपजिलाधिकारी सदर श्री अनुराग आर्या, उपजिलाधिकारी लोहाघाट श्रीमती नीतू डांगर, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश सिंह बिष्ट, जिला पर्यटन विकास अधिकारी श्रीमती लता बिष्ट, अधिशाषी अभियंता (लो.नि.वि. चम्पावत व लोहाघाट) श्री मोहन पलड़िया एवं श्री हितेश कांडपाल, एसडीओ वन विभाग श्री सुनील कुमार समेत विभिन्न मंदिर समितियों के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।

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