*चम्पावत सरस कार्बेट महोत्सव–2026 का भव्य समापन: “जागरूक नागरिक, सशक्त राष्ट्र” की थीम पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन*।

चंपावत 24 फरवरी 2026

*चम्पावत सरस कार्बेट महोत्सव–2026 का भव्य समापन: “जागरूक नागरिक, सशक्त राष्ट्र” की थीम पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन*

चम्पावत सरस कार्बेट महोत्सव – 2026 का अंतिम दिन “जागरूक नागरिक, सशक्त राष्ट्र” की सार्थक थीम के साथ उत्साह एवं जनभागीदारी के माहौल में सम्पन्न हुआ। समापन दिवस पर प्रशासन, विभिन्न विभागों, विद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।

महोत्सव के अंतिम दिन नागरिकों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता, महिला एवं बाल अधिकार, उपभोक्ता अधिकार तथा विभिन्न कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

इसके साथ ही बाल विवाह जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से समाज को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं कानूनी प्रतिबंधों के प्रति जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के महत्व पर प्रकाश डाला।

सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के अंतर्गत यातायात नियमों के पालन, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, नशामुक्त ड्राइविंग तथा सुरक्षित परिवहन के महत्व को रेखांकित किया गया। वहीं वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम के तहत बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान, बचत योजनाओं, बीमा एवं साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी आमजन को प्रदान की गई, जिससे वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त एवं सुरक्षित बन सकें।

महोत्सव में रचनात्मक एवं शैक्षिक गतिविधियों ने भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया। विद्यार्थियों के मध्य आयोजित पेपर क्राफ्ट प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी सृजनात्मक क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

पारंपरिक लोक कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित ऐपण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने कुमाऊँनी संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

विज्ञान प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं द्वारा नवाचार आधारित मॉडल एवं वैज्ञानिक अवधारणाओं का प्रदर्शन किया गया, जिससे युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार की भावना को प्रोत्साहन मिला। वहीं फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से जनपद की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, विकास कार्यों एवं सामाजिक अभियानों की सजीव झलक प्रस्तुत की गई।

Jaya punetha editor in chief ।

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