नेपाल सीमा से लगे गांव में खेत बने क्रिकेट मैदान, युवाओं ने दिखाया खेलों के प्रति जबरदस्त जुनून।
संसाधनों के अभाव में भी “काकड़ी देवता क्रिकेट टूर्नामेंट” का आयोजन, नशे से दूर रहकर खेल को करियर बनाने का संकल्प।
लोहाघाट। नेपाल सीमा से सटे गांवों में खेलों के प्रति युवाओं का उत्साह किसी भी बड़े शहर से कम नहीं है। खेल मैदान जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बावजूद यहां के युवाओं ने खेतों को ही क्रिकेट मैदान में बदलकर अपनी खेल भावना और जज्बे का शानदार परिचय दिया है।
सोनू रावत, योगेश पांडे और नमन पंत के संयुक्त प्रयास से “काकड़ी देवता क्रिकेट टूर्नामेंट” का आयोजन किया गया है। प्रतियोगिता का शुभारंभ लोक देवता “काकड़ी देवता” के आशीर्वाद के साथ किया गया। इस अवसर पर भाजपा किसान प्रकोष्ठ के प्रांतीय नेता प्रवीण पांडे ने बतौर मुख्य अतिथि खेलों का उद्घाटन किया।
प्रवीण पांडे ने कहा कि सीमित साधन और संसाधनों के बावजूद यहां के युवाओं ने साधन-संपन्न क्षेत्रों के युवाओं को यह संदेश दिया है कि खेलों को अपनाकर न सिर्फ अपना भविष्य संवारा जा सकता है, बल्कि नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से भी दूर रहा जा सकता है। टूर्नामेंट के पहले दिन बगौटी, डूंगरा लेटी – चामा एवं चमदेवल टीमों के बीच मुकाबला खेला गया। टॉस जीतकर टीम के कप्तान मदन अधिकारी और विनोद कुमार ने खेल की शुरुआत की। ग्राम प्रधान महेश जोशी लगातार खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते नजर आए।
युवा खिलाड़ियों का कहना है कि क्षेत्र में एक स्थायी खेल मैदान और पुस्तकालय की तत्काल आवश्यकता है। वे अपनी यह मांग जिले के गरीबों के हितैषी जिलाधिकारी मनीष कुमार के समक्ष रखना चाहते हैं। भाजपा नेता प्रवीण पांडे ने भी आश्वासन दिया कि युवाओं की इन आवश्यकताओं को लेकर जिलाधिकारी से सभी मिलकर अनुरोध करेंगे। इस क्रिकेट प्रतियोगिता में क्षेत्र की दस टीमें भाग ले रही हैं, जो पूरे नेपाल सीमा से लगे गांवों का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। यह आयोजन न सिर्फ खेल प्रतिभा को मंच दे रहा है, बल्कि सीमांत क्षेत्र के युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का भी संदेश दे रहा है।
Jaya punetha editor in chief ।



