मुख्यमंत्री धामी के विजन से सशक्त हुई चम्पावत की महिलाएं: लोहाघाट में ‘वान्या लाइब्रेरी’ बनी स्वरोजगार की नई मिसाल*

चंपावत

*मुख्यमंत्री धामी के विजन से सशक्त हुई चम्पावत की महिलाएं: लोहाघाट में ‘वान्या लाइब्रेरी’ बनी स्वरोजगार की नई मिसाल*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। इसी विजन को धरातल पर उतारते हुए जनपद चम्पावत के लोहाघाट नगर में *’कालसन बाबा स्वयं सहायता समूह’* की महिलाओं ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग से इन महिलाओं ने ‘वान्या लाइब्रेरी’ की स्थापना की है, जो आज न केवल छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा का केंद्र बनी है, बल्कि महिलाओं की आर्थिक प्रगति का मुख्य आधार भी बन गई है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को कुल 10 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है, जिसमें ग्रामोत्थान परियोजना द्वारा 6 लाख रुपये का महत्वपूर्ण वित्तीय सहयोग प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं ने अपनी उद्यमशीलता को प्रदर्शित करते हुए 3 लाख रुपये का बैंक ऋण लिया और 1 लाख रुपये समूह के अंशदान के रूप में जुटाए।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार की यह रणनीति स्पष्ट करती है कि जब सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे धरातल पर मिलता है, तो ग्रामीण परिवेश की महिलाएं भी बड़े व्यावसायिक मॉडल खड़े कर सकती हैं।

सुविधाओं के मामले में वान्या लाइब्रेरी में छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें, लॉकर सुविधा और एक व्यवस्थित कैंटीन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरी लाइब्रेरी को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है।

वर्तमान में इस केंद्र की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ 131 छात्र-छात्राएं पंजीकृत होकर अपने भविष्य को संवार रहे हैं।

24×7 संचालित होने वाली इस लाइब्रेरी के सभी खर्चों को निकालने के बाद स्वयं सहायता समूह प्रतिमाह 60 से 65 हजार रुपये की शुद्ध मासिक आय अर्जित कर रहा है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा महिला सशक्तिकरण को लेकर दिए गए प्रोत्साहन का ही परिणाम है कि आज चम्पावत की महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती दे रही हैं। यह पहल प्रदेश के अन्य महिला समूहों के लिए भी प्रेरणा का एक उत्कृष्ट केंद्र बनकर उभरी है।

Jaya punetha editor in chief ।

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