मानेश्वर समाचार।
10 जुलाई 2025
देवीधार महोत्सव का भव्य समापन: श्रद्धा और उल्लास के रंग में डूबा जनमानस


उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को जीवंत करती देवीधार की धरती पर बुधवार को पांच दिवसीय देवी महोत्सव का भव्य समापन हुआ। भक्तिभाव और पारंपरिक उल्लास के रंगों में रंगे इस महोत्सव के अंतिम दिन रायनगर चौड़ी, कलीगांव और डैंसली से निकली मां भगवती और मां महाकाली की डोला रथ यात्राओं ने जनमानस को श्रद्धा के महासागर में डुबो दिया।
सुबह से ही मंदिर परिसर में पूजा अर्चना के साथ ही मेला परिसर में लगी दुकानों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटाना शुरू हो गयी थी, शाम को रायनगर चौड़ी ,ड कलीगांव व डैंसली से देव रथ मंदिर परिसर में विधिवत परिक्रमा के साथ पहुंचे, जहां उपस्थित जनसैलाब ने जयकारों और भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महिलाएं पारंपरिक गीतों के माध्यम से मां का गुणगान करती हुई रथों के पीछे-पीछे चल रही थीं।
महोत्सव के दौरान एक अद्भुत दृश्य तब देखने को मिला, जब निसंतान महिलाएं संतान प्राप्ति की कामना लेकर मां भगवती के डोले के नीचे से गुजरीं। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा से यह परंपरा निभाने वाली महिलाओं को मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
विगत पांच दिनों से चल रहे इस भव्य मेले में स्थानीय व्यापारियों के साथ-साथ बरेली, मुरादाबाद और बहेड़ी से आए व्यापारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मेले में दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं से लेकर महिला श्रृंगार और स्वादिष्ट खाने-पीने के सामानों तक की विविध दुकानें सजाई गई थीं। श्रद्धालुओं ने मेले में पहुंचकर जमकर खरीदारी की, जिससे मेले का माहौल और भी जीवंत हो उठा।
आयोजकों की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
देवीधार सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष जीवन मेहता, सचिव प्रकाश राय, शिवराज सिंह, भैरव राय और नरेश राय ने सफल आयोजन पर सभी श्रद्धालुओं व सहयोगियों का आभार प्रकट किया।
