*चम्पावत,
*जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क निर्माण, मरम्मत, यातायात प्रवर्तन एवं सुरक्षा कार्यों की विस्तृत समीक्षा*
*सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, जनपद की सड़कों को जल्द पूर्ण रूप से गड्ढामुक्त करने के जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश*
मा. सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों एवं मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सड़क सुरक्षा तथा सड़कों को गड्ढामुक्त रखने के संबंध में दिए गए निर्देशों के क्रम में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई।
जिलाधिकारी ने जनपद की सड़क सुरक्षा व्यवस्था, सड़कों के निर्माण एवं सुधारीकरण, गड्ढामुक्त अभियान, यातायात प्रवर्तन तथा विभिन्न सुरक्षा कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने एनएच, लोनिवि, पीएमजीएसवाई सहित सभी सड़क निर्माण एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि जनपद की सड़कों को सुरक्षित एवं शीघ्र गड्ढामुक्त बनाए जाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जहां भी गड्ढे अथवा क्षतिग्रस्त सड़कें चिन्हित हों, वहां प्राथमिकता के आधार पर पैचवर्क एवं मरम्मत कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो तथा किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिन्हित क्रिटिकल जोन में आवश्यक सुधारात्मक एवं सुरक्षा कार्य समयबद्ध रूप से कराने के निर्देश दिए। एनएच से संबंधित मुआवजा प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने नियमानुसार प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। साथ ही सभी कार्यदायी संस्थाओं को सड़कों पर पड़े मलबे को तत्काल हटाने एवं उसका उचित निस्तारण करने, आवश्यक स्थानों पर चेतावनी एवं साइन बोर्ड लगाने, सड़क किनारे झाड़ियों का नियमित कटान तथा नालियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निर्माणाधीन सड़कों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आवश्यकता वाले स्थानों पर प्राथमिकता से सुरक्षा दीवार (रिटेनिंग वॉल) का निर्माण कराने तथा ग्रामीण संपर्क मार्गों पर आवश्यकता के अनुरूप सोलर लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने राहवीर योजना (गुड समरिटन योजना) के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित, सम्मानित एवं पुरस्कृत करने के लिए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के समय घायल व्यक्ति को समय पर सहायता मिलना अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए योजना के संबंध में आमजन को भी व्यापक रूप से जागरूक किया जाए।
बैठक में अतिक्रमण हटाने की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने एआरटीओ एवं पुलिस विभाग को ओवरस्पीड, ओवरलोडिंग तथा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध नियमित रूप से संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावी प्रवर्तन एवं चालानी कार्रवाई के साथ ही सड़क सुरक्षा, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग तथा यातायात नियमों के पालन को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि सुरक्षित और गड्ढामुक्त सड़कें आमजन के सुगम आवागमन के साथ सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं। सभी संबंधित विभाग अपने-अपने मार्गों का नियमित निरीक्षण करते हुए गड्ढों, मलबे, क्षतिग्रस्त नालियों एवं अन्य संभावित जोखिमों को समय रहते दूर करें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि जनपदवासियों एवं यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके।
बैठक में पुलिस उपाधीक्षक डीएस कप्रवाण, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग विभोर गुप्ता, एआरटीओ रिशु तिवारी, अधिशासी अभियंता लोनिवि हितेश कांडपाल, लोहाघाट मयंक तिवारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
Jaya punetha editor in chief.




