पेयजल सुविधा के विस्तार के साथ जल स्रोतों के संरक्षण व संवर्धन को डिफेंस के बराबर दिया जाए महत्व – जिलाधिकारी
मॉडल जिले को नया रूप व स्वरूप देने के लिए सभी विभाग मिलकर करें कार्य ।
चंपावत । मॉडल जिले में पेयजल सुविधा के विस्तार के साथ जल संरक्षण एवं जल संवर्धन का कार्य साथ-साथ नहीं किया गया तो इससे भावी पीढ़ी एक एक बूंद पानी के लिए तरस जाएगी। इसके लिए यह आवश्यक है कि ग्रामीणों कि सहभागिता कर संबंधित विभाग अन्य जल स्रोतों व जलागम क्षेत्रों में पानी के पोषक पौधों का रोपण कर उनका संरक्षण करें । इससे जल स्रोतों का जलस्तर बनाये रखा जा सकता है। यह बात जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मुख्यमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप चंपावत को हिमालयी राज्यों का मॉडल जिला बनाने हेतु अधिकारियों से संवाद करते हुए कही। उन्होंने मुख्यमंत्री जी की घोषणाओ की आम लोगों को जानकारी देने के साथ जिले को हरा भरा बनाए रखना है । जिले में 500 किलोमीटर लंबी सड़क प्रस्तावित है जिले के नगरीय क्षेत्रों को पॉलिथीन से मुक्त करने के साथ एवं नगरों व गांवो को साफ सुथरा बनाए रखना हमारी कार्य संस्कृति में शामिल होना चाहिए। लोहाघाट नगर समेत अन्य स्थानों में दुर्लभ प्रजाति के देवदार के वृक्षों को डिफेंस के बराबर महत्व देने की आवश्यकता है । लोहाघाट नगर में स्थित देवदार के प्रत्येक पेड़ में उन्होंने नंबरिंग करने के भी बनविभाग को आदेश दिए ।
जिलाधिकारी ने लोहाघाट में ड्राफ्ट मास्टर प्लान के निर्माण के साथ नगर के लोगों से
रायसुमारी किए जाने पर जोर दिया। जिले के सभी विद्यालयों की भूमि राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराई जाए नगरीय क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए इंदिरा अम्मा जैसे भोजनालयों को पुनर्जीवित किया जाए । स्वाला डेंजर जोन से वैकल्पिक सड़क मार्ग को भी प्रस्तावित किया जाए। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग में चंपावत एवं लोहाघाट में बाईपास के निर्माण के लिए भूमि का अधिग्रहण कर प्रभावित लोगों को उसका मुआवजा दिया जाए । जिलाधिकारी ने कहा सभी विभागों को मिलकर ऐसा आकर्षण पैदा करना है जिससे पलायन कर चुके लोगों को उनकी माटी से जोड़ा जा सके । सभी नए भवनों में बरसाती जल के संग्रह की व्यवस्था की जाए। उन्होंने जानकारी दी कि पीएम फसल बीमा योजना में गेहूं धान के अलावा मड़ुबे को भी शामिल किया गया है । जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से कहा कि वह मॉडल जिले में अपने दायित्व के निस्तारण में तेजी लाकर हर कार्य में अपनी पहचान अवश्य छोड़ें ।
Jaya punetha editor in chief ।




