ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बड़ – पीपल की पूजा अर्चना कर उनका आशीर्वाद लेने की परंपरा जीवन्त रूप लिए हुए हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बड़ – पीपल की पूजा अर्चना कर उनका आशीर्वाद लेने की परंपरा जीवन्त रूप लिए हुए हैं।

नंदकुली गांव में सौ वर्ष पुराने बड़ – पीपल के वृक्षों की धूमधाम के साथ की गई पूजा अर्चना ।

चंपावत। आज भी यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ – पीपल वृक्ष की पूजा करने की परंपरा कायम है। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर नंदकुली गांव में आज देव डांगरों एवं लोगों द्वारा सामूहिक रूप से बड़ पीपल की की पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर पुरोहितों द्वारा विष्णु सहस्त्रनाम एवं भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए रुद्री पाठ किया जा रहा था। यह परंपरा यहां पिढ़ीयों से चली आ रही है। एक शताब्दी पूर्व यहां एक निःसंतान व्यक्ति ने अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए बड़ – पीपल वृक्ष लगाए थे। यह कार्य उन्होंने काफी श्रद्धा व आस्था के साथ किया जिसमें गांव के लोगों को सामूहिक रूप से भोज भी कराया गया।

आज नई पिंढीं द्वारा बड़ – पीपल के वृक्षों की सामूहिक रूप से पूजा कर पूरे नंदकुली गांव समेत आस पास के ग्रामीण साक्षी बने। इस आयोजन में देव डांगर शिव दत्त जोशी, जगदीश जोशी, दिनेश जोशी, सतीश जोशी के अलावा शंकर जोशी, नवीन जोशी, भास्कर जोशी, बीडी जोशी, दया कृष्ण जोशी, रमेश जोशी, मथुरा दत्त जोशी, बद्री दत्त जोशी, हरीश जोशी, कमला जोशी, निर्मला जोशी, निर्मला बच्ची देवी, काजल जोशी, गीता देवी, ममता देवी आदि ने अपनी सक्रीय भागीदारी की तथा बड़ पीपल का आशीर्वाद प्राप्त किया।

Jaya punetha editor in chief ।

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