ग्रामीण क्षेत्र का सर्वाधिक छात्र संख्या वाला जीआईसी दिगालीचौड़, जहां शिक्षक पढ़ाने के साथ करते हैं घंटी बजाने का भी कार्य।
चहारदीवारी न होने के कारण शिक्षकों व छात्रों के प्रयासों में पानी फेरते आ रहे हैं अराजक तत्व ।
लोहाघाट। नेपाल सीमा से जुड़े ग्रामीण क्षेत्र के सर्वाधिक छात्र संख्या वाले राजकीय इंटर कॉलेज, दिगालीचौड़ में यहां कार्यरत शिक्षकों द्वारा जहां उत्कृष्ट शैक्षिक कार्य किया जाता है वहीं उन्हें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के अभाव में स्वयं घटी भी बढ़ानी पड़ रही है। यह सिलसिला तब से चला रहा है जब से यहां चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई है। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ सुधाकर जोशी के नेतृत्व में यहां शिक्षकों द्वारा पूरे समर्पण भाव से कार्य किया जा रहा है। उनके द्वारा विद्यालय परिसर को फूलों फलो से आचलित करने के साथ इसको हरा भरा करने का लगातार प्रयास किया जाता रहा है, लेकिन बाउंड्री के अभाव में उनके प्रयासों में अराजक तत्वों द्वारा पानी फेरा जाता रहा हैं। विद्यालय बंद होने के साथ ही यहां अराजक तत्वों का डेरा शुरू हो जाता है। जिसको लेकर यहां पूरा विद्यालय परिवार काफी परेशान एवं आक्रोशित भी है। इन अराजक तत्वों द्वारा यहां लगातार गंदगी भी की जा रही है।
सबसे पहले इस विद्यालय में की जाएगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती – सीईओ
लोहाघाट। मुख्य शिक्षा अधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट का कहना है कि यह समस्या उनके संज्ञान में है। वास्तव में यहां के शिक्षक पूरे मनोयोग के साथ शिक्षण कार्य के साथ मजबूरी में घंटी भी बजा रहे हैं। यह स्थिति तब पैदा हुई है जब सरकारी तौर पर चतुर्थ श्रेणी का पद मृत्यु घोषित कर दिया गया। अब यहां संविदा पर ही नियुक्तियां की जाएगी। जिसकी प्रक्रिया चलने वाली है। सबसे पहले इसी विद्यालय को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दिए जाएंगे। विधालय में चहारदीवारी की भी व्यवस्था की जाएगी।
Jaya punetha editor in chief ।



