स्वयं दिव्यांग होने के बावजूद दूसरों को रोजगार देने का माध्यम बन रहे हैं हिम्मत की हिम्मत को जिला अधिकारी ने सराहा। 

स्वयं दिव्यांग होने के बावजूद दूसरों को रोजगार देने का माध्यम बन रहे हैं हिम्मत की हिम्मत को जिला अधिकारी ने सराहा।

लोहाघाट। देवीधुरा के रिखोली गांव के 28 वर्षीय हिम्मत सिंह दिव्यांग होने के बावजूद भी देवीधुरा में कोचिंग सेंटर खोलकर दूसरों के लिए रोजगार देने का माध्यम बने हुए हैं। 28 वर्षीय हिम्मत सिंगवल लंबे समय से दिव्यांगों को मान और सम्मान दिलाने के लिए लगातार संघर्ष करते आ रहे हैं, उनके प्रयासों से शासन द्वारा प्रदत्त सुविधाओं से दिव्यांगों को लाभान्वित करने में विभाग को भी काफी आसानी हो रही है। हिम्मत ने विषम परिस्थितियों में रहते हुए परास्नातक तक की शिक्षा प्राप्त की लेकिन इनका जज्बा व जुनून को सभी लोग सलाम करते हैं। हिम्मत के परिवार की माली हालत इतनी कमजोर है कि उन्हें अपने इस दिव्यांग बेटे की हिम्मत पर बड़ा गर्व है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने हिम्मत को सम्मानित करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की खुशी हो रही है कि वह अपने हाथों से ऐसे पुरुषार्थी महान व्यक्ति को सम्मानित कर रहे हैं जो स्वयं शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद दूसरे को ताकत देने के काम करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं।

Jaya punetha editor in chief ।

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