जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सुबह से ही वैकल्पिक मार्गो में संभाला मोर्चा। कोइराला गाड़ में बह रही घायल महिला को बचाकर उसे स्वयं अपने वाहन में लाकर अस्पताल में किया  भर्ती। 

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मानेश्वर समाचार।

1 सितम्बर 2025

राष्ट्रीय राजमार्ग में 72 घंटे से वाहनों की आवाजाही रही बंद। स्वाला डेंजर जोन में मौसम ने एनएच के प्रयासों में फेरा पानी।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सुबह से ही वैकल्पिक मार्गो में संभाला मोर्चा। कोइराला गाड़ में बह रही घायल महिला को बचाकर उसे स्वयं अपने वाहन में लाकर अस्पताल में किया  भर्ती।

चंपावत। लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सुबह से ही जिले के सभी अधिकारी राहत व बचाव कार्य में लगे हुए हैं। पिछले 72 घंटे से स्वाला डेंजर जोन में बनाई गई लीक मलवे के साथ ही नीचे आ गई। जिससे वहां काम कर रहे मजदूर बाल बाल बच गए। यहां राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे हैं सभी प्रयासो को मौसम असफल कर दे रहा है। जिलाधिकारी मनीष कुमार आज तड़के ही मैदानी क्षेत्र को जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्ग पुनावे, सिप्टी, लफड़ा, सिमली पाली एवं अमोडी क्षेत्र में मोर्चा संभाले हुए हैं। यहां कोइराला गाड़ को पार करते समय एक महिला बहने लगी, जिसे बमुश्किल बचा लिया गया। जिलाधिकारी ने स्वयं मौके में जाकर घायल महिला को अपने वाहन में बैठाकर उसे उपचार के लिए चंपावत जिला चित्सालय लाया जा रहा है। इसी बीच सड़क मार्ग में कई स्थानों में मलवा आने से सड़क खोलने व बंद होने का सिलसिला जारी है। जिलाधिकारी पूरे समय इन सड़को को खोलने में लगे हुए हैं । स्वाला डेंजर जोन में राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता दीपक जोशी अपनी टीम के साथ यहां मोर्चा संभाले हुए हैं।

इधर तल्ला बापरू में स्लाइडिंग रोकने के लिए जो प्रयास किए गए थे, वह सब धराशाई हो गए हैं। जिससे सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया है। मंगोली गांव में आपदा से प्रभावित अनुसूचित जातियों के लोगों को उन्हीं की सहमति से सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें इसी गांव के अन्य लोग लोगों के यहां शरण दी हुई है। तहसीलदार जगदीश सिंह नेगी द्वारा तीन परिवारों को ₹ 2.5 लाख तथा दो परिवारों को 1.5 लाख रुपए की राहत सहायता के चेक वितरित किए गए हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सड़क मार्गों की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए लोगों से अपील की है कि वह अनावश्यक यात्रा करने से बचे। सड़क मार्गों के ऊपर से कहीं भी किसी भी समय मालवा, बोल्डर पत्थर आ सकते हैं।

Jaya punetha editor in chief ।