*स्वरोजगार एवं दुकान निर्माण हेतु दिव्यांगजनों को मिलेगा ऋण* ।

मानेश्वर समाचार।

चम्पावत, 25 अगस्त 2025

*स्वरोजगार एवं दुकान निर्माण हेतु दिव्यांगजनों को मिलेगा ऋण*

*उ० बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम, चम्पावत द्वारा दिव्यांगजनों हेतु स्वरोजगार योजनाओं में आवेदन आमंत्रित*

*05 सितम्बर तक करें आवेदन : जीविका अवसर प्रोत्साहन योजना*

जिला समाज कल्याण अधिकारी पदेन जिला प्रबन्धक, उ० बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम, चम्पावत श्री आर.एस. सामंत ने जानकारी दी कि निगम के माध्यम से संचालित “जीविका अवसर प्रोत्साहन योजना” के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वरोजगार हेतु टर्मलोन योजना एवं दुकान निर्माण योजना का लक्ष्य प्राप्त किया गया है।

इस योजना के अन्तर्गत कृषि, उद्योग, व्यापार एवं सेवा क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित करने के इच्छुक दिव्यांगजनों को बैंक ऋण एवं विभागीय अनुदान/ऋण प्रदान किया जायेगा। जिन दिव्यांगजनो के पास शहरी/व्यावसायिक स्थल पर अपनी भूमि है, उन्हें दुकान निर्माण हेतु विशेष सुविधा दी जाएगी।

*योजना के प्रमुख प्रावधान :*

1. स्वरोजगार योजना – ₹1,00,000 का ऋण, जिसमें 25% मार्जिन मनी 4% वार्षिक ब्याज पर विभाग से, ₹10,000 अनुदान तथा शेष बैंक ऋण।

2. टर्मलोन योजना – ₹75,000 का ऋण, जिसमें ₹10,000 अनुदान तथा शेष राशि 6% वार्षिक ब्याज पर।

3. दुकान निर्माण योजना – ₹50,000 का ऋण, जिसमें ₹40,000 विभाग से 4% वार्षिक ब्याज पर एवं ₹10,000 अनुदान।

*पात्रता की शर्तें :*

* आवेदक जनपद चम्पावत का स्थाई निवासी हो।

* न्यूनतम 40% अथवा उससे अधिक दिव्यांगता (मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा प्रमाणित)।

* आयु सीमा 18 से 50 वर्ष।

* ग्रामीण क्षेत्र में वार्षिक आय सीमा ₹1,60,000 एवं शहरी क्षेत्र में ₹2,00,000 से अधिक न हो।

* बीपीएल कार्ड धारकों को आय प्रमाणपत्र आवश्यक नहीं।

* दुकान निर्माण योजना हेतु स्वयं की भूमि का स्वामित्व अनिवार्य।

*आवेदन की अंतिम तिथि :*

पात्र इच्छुक दिव्यांगजन अपना आवेदन सादे कागज पर आवश्यक प्रमाणपत्रों की सत्यापित छायाप्रतियों सहित दिनांक 05 सितम्बर 2025 तक जिला समाज कल्याण अधिकारी पदेन जिला प्रबन्धक, उ० बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम, चम्पावत के कार्यालय में प्रस्तुत करें।

*आवेदकों का चयन जिला स्तरीय समिति द्वारा साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा, जिसकी सूचना पृथक से दी जाएगी।*

Jaya punetha editor in chief ।

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