चम्पावत,
*मा.मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की संवेदनशील पहल से दुःख की घड़ी में आपदा प्रभावित परिवारों को मिला संबल*
*लोहावती नदी हादसे में जान गंवाने वाली गीता देवी के पति को 4 लाख रुपये की सहायता, तीन आपदा प्रभावितों के खातों में कुल 5 लाख रुपये हस्तांतरित*
आपदा की पीड़ा केवल प्रभावित परिवार ही महसूस कर सकता है, लेकिन दुःख की इस कठिन घड़ी में उसके साथ खड़े होकर संबल प्रदान करना संवेदनशील शासन-प्रशासन का दायित्व है। इसी मानवीय भावना के साथ मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के आपदा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता एवं त्वरित राहत पहुंचाने के निर्देशों पर जनपद चम्पावत में जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य कर रहा है।
इसी क्रम में लोहावती नदी में बहने से असमय जान गंवाने वाली नीड़ गांव निवासी गीता देवी के शोकाकुल परिवार को तत्काल आर्थिक संबल प्रदान करते हुए उनके पति उमेद सिंह के बैंक खाते में राज्य आपदा मोचन निधि से 4 लाख रुपये की सहायता राशि हस्तांतरित की गई है।
उल्लेखनीय है कि बीती 01 अक्टूबर को गीता देवी लोहावती नदी में बहकर लापता हो गई थीं। पुलिस, एसडीआरएफ, गोताखोरों एवं स्थानीय ग्रामीणों के अथक प्रयासों के बाद गुरुवार देर शाम उनका शव घटनास्थल से लगभग तीन किलोमीटर नीचे बरामद हुआ। इस हृदयविदारक घटना से परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा।
परिवार की इस अपूरणीय क्षति और कठिन परिस्थितियों को देखते हुए जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देश पर तहसीलदार श्री बृजमोहन आर्य के नेतृत्व में तहसील प्रशासन ने बिना विलंब सहायता राशि हस्तांतरित की।इसके अतिरिक्त आपदा प्रभावित दीवान सिंह मेहता को 93,500 रुपये तथा गोविन्द राम को 6,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस प्रकार तीन आपदा प्रभावितों के बैंक खातों में कुल 5 लाख रुपये हस्तांतरित किए गए।
जिलाधिकारी ने गीता देवी के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस असहनीय दुःख में परिवार को अकेला न छोड़ना और उसे हरसंभव सहारा देना शासन-प्रशासन की मानवीय जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि मा. मुख्यमंत्री की स्पष्ट निर्देश है कि आपदा प्रभावित परिवारों को केवल राहत राशि ही नहीं, बल्कि यह भरोसा भी मिले कि संकट की हर घड़ी में सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। मा. मुख्यमंत्री के इसी संवेदनशील दृष्टिकोण के अनुरूप जिला प्रशासन प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समयबद्ध सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
Jaya punetha editor in chief .




