*विकासखंड स्तर पर ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025’ के अंतर्गत पंच सम्मेलन कार्यशाला का हुआ आयोजन, जनपद चंपावत में ग्रामीण आजीविका संवर्धन और विकास योजनाओं पर हुआ गहन मंथन*

चम्पावत

*विकासखंड स्तर पर ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025’ के अंतर्गत पंच सम्मेलन कार्यशाला का हुआ आयोजन, जनपद चंपावत में ग्रामीण आजीविका संवर्धन और विकास योजनाओं पर हुआ गहन मंथन*

*विकासखंड स्तर पर ग्रामीण आजीविका संवर्धन को मिली नई गति; चंपावत में ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ के तहत पंच सम्मेलन संपन्न*

जनपद के सभी चारों विकासखंड सभागारों में बुधवार को संबंधित माननीय क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों की अध्यक्षता में ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-GRAMG) / ‘विकसित भारत – जी राम जी अधिनियम, 2025’ के अंतर्गत पंच सम्मेलन कार्यशाला का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस कार्यशाला में जनपद के विकास खंड स्तर पर सभी माननीय प्रमुख क्षेत्र पंचायत चंपावत, समस्त माननीय जिला पंचायत सदस्य, समस्त माननीय क्षेत्र पंचायत सदस्य, समस्त माननीय ग्राम प्रधानगण तथा महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया गया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य योजना के सफल क्रियान्वयन, अंतर-विभागीय समन्वय तथा ग्रामीण आजीविका संवर्धन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करना रहा। इस दौरान जनपद के अंतर्गत 4 मुख्य श्रेणियों एवं 29 उप-श्रेणियों में वर्गीकृत लगभग 318 विकास प्रोजेक्ट्स एवं योजनाओं की रूपरेखा तैयार कर उन पर बिंदुवार गहन मंथन किया गया।

कार्यक्रम में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 योजना के क्रियान्वयन एवं समन्वयन की विस्तृत जानकारी साझा की गई।

इसके साथ ही विकास खंड स्तर पर समस्त रेखीय विभागों द्वारा सहभागिता निभाते हुए अपने स्तर से संचालित योजनाओं का युगपतिकरण (कन्वर्जेंस) किया गया, तथा माननीय जनप्रतिनिधियों व महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा योजना से संबंधित अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए गए।

कार्यशाला के दौरान संबंधित क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों ने जनप्रतिनिधियों से ग्राम स्तर पर ही मजबूत और व्यावहारिक प्रस्ताव तैयार करने का आह्वान किया।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाएं पूरी तरह समावेशी दृष्टिकोण के साथ बनाई जानी चाहिए ताकि समाज के हर वर्ग को इसका सीधा लाभ मिल सके।

उन्होंने पारंपरिक विकास कार्यों से आगे बढ़कर क्षेत्र की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार नए और नवाचारी प्रोजेक्ट्स को भी कार्ययोजना में प्रमुखता से शामिल करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

कार्यक्रम के दौरान संबंधित विकास खंडों में मास्टर ट्रेनरों द्वारा अधिनियम के प्रावधानों, मनरेगा एवं आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न घटकों तथा रेखीय विभागों के साथ योजनाओं के युगपतीकरण की प्रक्रिया की विस्तृत तकनीकी जानकारी दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण व संवर्धन, भूमि सुधार एवं समतलीकरण, ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण, पौधरोपण, पशु शेड निर्माण, नाली निर्माण, व्यक्तिगत परिसंपत्ति विकास तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारा जाएगा।

इसके साथ ही उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की बहनों से योजना को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने हेतु अपने बहुमूल्य सुझाव साझा करने की अपील की।

इस अवसर पर उपस्थित विभिन्न रेखीय विभागों के अधिकारियों ने भी अपनी संचालित योजनाओं की जानकारी साझा की, जिससे विभागीय योजनाओं को एक साथ जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा सके।

इस महत्वपूर्ण आयोजन में चंपावत से माननीय ब्लॉक प्रमुख श्रीमती अंचला बोहरा एवं खंड विकास अधिकारी अशोक अधिकारी; लोहाघाट से माननीय ब्लॉक प्रमुख श्री महेंद्र सिंह ढेक, कनिष्ठ उप प्रमुख श्री किशोर सिंह रावत, खंड विकास अधिकारी श्री कविंद्र रावत एवं अध्यक्ष प्रधान संगठन श्री पवन भट्ट; बाराकोट से माननीय ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सीमा आर्या, सांसद प्रतिनिधि हरीश आर्या, तहसीलदार बाराकोट एवं खंड विकास अधिकारी श्री अवनीश उपाध्याय; तथा पाटी से माननीय ब्लॉक प्रमुख श्री शंकर सिंह अधिकारी, ज्येष्ठ उप प्रमुख श्री खड़क सिंह एवं प्रधान संगठन अध्यक्ष श्री प्रकाश महरा उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जिला पंचायत सदस्यगण, क्षेत्र पंचायत सदस्यगण, त्रिस्तरीय पंचायतों के जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, स्वयं सहायता समूहों की सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।

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