24 अप्रैल  2026

Jaya punetha editor in chief ।

जहां एक ओर सरकार  बेटी पढ़ाओ , बेटी बचाओ का  अभियान तीव्र गति से चला रही है , वहीं  दूसरी ओर सरयू घाटी मैं सिंगदा और नेत्र सलान क्षेत्रों में हकीकत इस अभियान के बिल्कुल विपरीत है । यहां के राजकीय स्कूलों में ( बालिकाओं ) की समस्याओं की ओर न तो सरकार का ध्यान है न ही चिंता ,और जन प्रतिनिधियों की सक्रियता इन दूरस्थ क्षेत्रों मैं शिक्षा की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी है । खास तौर पर बालिकाओं के लिए हाईस्कूल के बाद पढ़ाई करना काफी दुस्वार हो गया है , इंटर कॉलेज की सुविधा न होने कारण अधिकांश बेटियों की पढ़ाई हाईस्कूल तक ही सिमट कर रह जाती है , अधिकांश लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वो बच्चों को अन्यत्र नहीं भेज सकते। जिस कारण वह कन्याधन वह गौरादेवी जैसी सरकारी सेवाओं से भी वंचित रह जाती हैं क्योंकि वे इंटर नहीं कर पाती । सरकार ने इंटर की कक्षाएं खोलने के लिए अपने मानक तय कर रखे हैं, इस क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के चलते मानक पूरा न होने  की बात कहकर सरकार इतिश्री कर देती है जिसके चलते  यहां इंटर की कक्षाएं नहीं चल पाती  ।एक ओर जहां सरकार बेटी पढ़ाओ का नारा बुलंद करती है वहीं बेटियों की पढ़ाई की ओर अगर सरकार ध्यान दे तो शायद बेटियों के भविष्य को संवारने मैं मदद मिले ।

Jaya punetha editor in chief ।

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