डायट लोहाघाट में जेंडर रेस्पॉन्सिव एवं समावेशी शिक्षा पर तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ।
शिक्षा में लैंगिक समानता और समावेशन से ही बनेगा संवेदनशील समाज – गोविंद वर्मा
लोहाघाट। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) लोहाघाट में शिक्षकों के लिए जेंडर रेस्पॉन्सिव एवं समावेशी शिक्षा विषय पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। कार्यशाला का उद्घाटन नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर डायट परिवार की ओर से उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में जेंडर संवेदीकरण और समावेशी दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में लैंगिक समानता सुनिश्चित कर तथा प्रत्येक बच्चे को समान अवसर देकर ही एक संवेदनशील, जागरूक और जिम्मेदार समाज का निर्माण किया जा सकता है। डायट के प्राचार्य दिनेश खेतवाल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागी शिक्षकों का स्वागत करते हुए कार्यशाला की अवधारणा और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समावेशी शिक्षा के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों, वंचित वर्गों तथा विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोड़ना संभव है, जिससे शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण होता है। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता लक्ष्मीशंकर यादव ने किया। समावेशी शिक्षा अभिमुखीकरण कार्यशाला के समन्वयक नवीन उपाध्याय ने समावेशी शिक्षा की संकल्पना, इसके लाभ और विद्यालय स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी। वहीं मनोज भाकुनी ने जेंडर संवेदीकरण विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि शिक्षक कक्षा-कक्ष में किस प्रकार लैंगिक समानता, सम्मान और सहभागिता को बढ़ावा दे सकते हैं। कार्यशाला में प्रवक्ता ए.के. वर्मा, नवीन जोशी, अविनीश शर्मा, नरेश जोशी, कृपाल सिंह, प्रदीप जोशी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
