किसानों और पशुपालकों के द्वार पहुँची सरकार: चम्पावत जिले में ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत लगे पशु चिकित्सा शिविर*

चम्पावत ,

*किसानों और पशुपालकों के द्वार पहुँची सरकार: चम्पावत जिले में ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत लगे पशु चिकित्सा शिविर*

 

*दूर-दराज के गाँवों तक पहुँचा पशुपालन विभाग: ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत आयोजित शिविरों में बंटी दवाइयाँ और चारा बीज*

 

माननीय मुख्यमंत्री से पुष्कर सिंह धामी के प्रत्येक व्यक्ति तक सरकारी योजना का लाभ पंहुचाये जाने की मंशा के अनुरूप तथा जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशों के अनुपालन में और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्बयाल के कुशल मार्गदर्शन में, जिले में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष एक दिवसीय पशु चिकित्सा एवं जागरूकता शिविरों का सफल आयोजन किया गया।

 

इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि, उद्यान और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं का लाभ पहुँचाना तथा पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल करना था।

 

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्बयाल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुरूप जिले के विभिन्न विकास खंडों में पशुपालन विभाग की टीमों द्वारा लगातार ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे दूर-दराज के किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिल सके।

 

अभियान के तहत राजकीय पशुचिकित्सालय चल्थी की टीम द्वारा ग्राम जॉल एवं स्याला में शिविर आयोजित किया गया, जिसमें किसानों को विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं की जानकारी दी गई, पशुओं के उपचार हेतु दवाइयाँ वितरित की गईं और 50 किलोग्राम चारा बीज का वितरण किया गया।

 

इसी क्रम में राजकीय पशु चिकित्सालय बरदाखान की टीम द्वारा ग्राम कमाजुला एवं रैगांव में शिविर का आयोजन किया गया। यहाँ किसानों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पशुओं की दवाइयाँ और 40 किलोग्राम चारा बीज वितरित किए गए। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अपूर्वा चन्द्र ने पशुओं के रखरखाव, स्वास्थ्य और विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। शिविर में पशुधन प्रसार अधिकारी श्रीमती कीर्ति राणा, पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट संदीप वर्मा एवं पैरावेट रोशन कुमार भी मौजूद रहे।

 

इसके अतिरिक्त, राजकीय पशु चिकित्सालय पाटी द्वारा ग्राम धरोंज एवं डूंगराकोट में शिविर लगाया गया, जहाँ उपस्थित किसानों को पशुपालन विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पशुओं के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया।

 

इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को उनके पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत मिली और शासन-प्रशासन की योजनाओं की जानकारी उनके द्वार तक पहुँची।

 

इस शिविर में पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रीति बिष्ट, पशुधन प्रसार अधिकारी निशा ओली एवं ए-हेल्प कार्यकर्ता किरन जोशी, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेश कुमार, पशुधन प्रसार अधिकारी ओणम सिंह राणा और सहायक कृषि अधिकारी (AAO) गोविंद सिंह उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief.

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