चम्पावत,
*माँ पूर्णागिरि धाम में सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल, सेलागाँव में बनेगा बहुउद्देशीय प्रशासनिक भवन*
8.54 करोड़ रूपये की परियोजना को प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति, प्रथम किश्त के रूप में 1.60 करोड़ रूपये स्वीकृत
एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी मेला प्रशासन, पुलिस एवं चिकित्सकों की सेवाएं, श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं के समन्वय में मिलेगी मदद
मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में माँ पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं तथा मेला व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मा.मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत सेलागाँव में बहुउद्देशीय प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए शासन ने 8.54 करोड़ की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
परियोजना के क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री घोषणा मद से स्वीकृत 4 करोड़ रूपये के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में 40 प्रतिशत अर्थात 1.60 करोड़ रूपये की धनराशि चालू वित्तीय वर्ष में जिलाधिकारी चम्पावत के निवर्तन पर रखी गई है।
बहुउद्देशीय प्रशासनिक भवन में मेला मजिस्ट्रेट, मेला अधिकारी, पुलिस एवं चिकित्सकों सहित संबंधित अधिकारियों को एक ही स्थान पर कार्य करने की सुविधा मिलेगी। इससे विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सहायता, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन में मदद मिलेगी।
माँ पूर्णागिरि धाम और शारदा क्षेत्र में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करना जनपद के धार्मिक पर्यटन को सशक्त बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। शारदा कॉरिडोर के विकास की व्यापक परिकल्पना के साथ पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में प्रशासनिक सुविधाओं का यह विस्तार यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने में सहायक होगा।
शासन ने निर्माण कार्य की निरंतर निगरानी करते हुए उसे निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करना तथा कार्यस्थल पर परियोजना की लागत, प्रारंभ एवं पूर्ण होने की तिथि सहित आवश्यक विवरण का बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा।
इस भवन के निर्माण से माँ पूर्णागिरि मेले के संचालन के लिए स्थायी प्रशासनिक आधारभूत सुविधा विकसित होगी और देशभर से माँ पूर्णागिरि के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
Jaya punetha editor in chief.




